Internet kya hai

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इन्टरनेट क्या है? What is internet? In Hindi

नमस्कार दोस्तों, हम इस पोस्ट में जानेंगे कि इन्टरनेट क्या है? और इन्टरनेट काम कैसे करता है? तो चलिए अब जान लेते है इन्टरनेट क्या है?

विकिपीडिया के अनुसार इन्टरनेट,” विश्व में डिवाइसों को लिंक करने के लिए इन्टरनेट प्रोटोकाल का उपयोग करने वाले इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क की वैश्विक प्रणाली है. अर्थात एक ऐसा प्रोटोकाल जिसके द्वारा डिवाइसों को एक दुसरे से कनेक्ट किया जाता है, उसे इन्टरनेट कहते है.

इस प्रणाली के द्वारा विश्व भर के सभी डिवाइसों को कनेक्ट किया जाता है.

इस प्रणाली में वे सभी नेटवर्क शामिल है जो वायरलेस टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ है.

यह सभी नेटवर्क एक दुसरे से जुड़े हुए है और एक दुसरे को सूचनाओ का आदान प्रदान करते रहते है , जैसे हाइपरटेक्स्ट डॉक्यूमेंट या दस्तावेज और डब्लू डब्लू डब्लू, टेलीफोनी और फाइल शेयरिंग का उपयोग करते है.

इन्टरनेट की उत्पत्ति कब हुई? Origin of Internet

सन १९६० में इन्टरनेट की उत्पत्ति यूनाइटेड स्टेट सरकार द्वारा हुई थी इसे सूचनाओं को एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर में भेजने के लिए बनाया गया था.

सन १९९० से इन्टरनेट का इस्तेमाल वाणिज्यिक नेटवर्क और उद्यमों को जोड़ने के लिए किया जाने लगा, और धीरे धीरे मोबाइल कंप्यूटर और मोबाइल फ़ोन तक इन्टरनेट की सुविधा पहुच गई. और सन २००० तक इन्टरनेट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर दैनिक जीवन में किया जाने लगा.

इसके साथ ही इन्टरनेट पर बहुत सी चीजें देखी और ढूंढ़ी जाने लगी और देखते ही देखते मनोरंजन से लेकर समाचार तक हर छोटी बड़ी जानकारी उपलब्ध होने लगी. इन्टरनेट की मदद से पूरी दुनिया एक वैश्विक गाँव बन गया जहाँ आप दुनिया के किसी भी कोने में रह कर आप किसी भी व्यक्ति से संपर्क कर सकते है.

इन्टरनेट का इतिहास- History of Internet

इन्टरनेट की शुरुवात पॉल बैरन और डोनल डविस ने पैकेट स्विचिंग में कुछ संशोधन करके की थी.

इन्टरनेट कितना बड़ा है? How Big is Internet in Hindi?

एक माप दंड के अनुसार इन्टरनेट पर लगभग 40,000 फिल्मों के आकार का डाटा प्रति सेकंड इन्टरनेट पर आता-जाता रहता है.

एक महाद्वीप को दुसरे महाद्वीप से जोड़ने के लिए सैकड़ों मील लम्बी केबल को समुन्द्र की फर्श पर बिछाना पड़ता है. जी हाँ, इन्टरनेट मुख्यतः इन्ही केबल से जुड़ कर एक दुसरे द्वीप पर आता जाता है. इन केबल्स को बहुत की मजबूती से बनाया जाता है और ये डाटा को बहुत ही तेज़ गति से ट्रान्सफर कर सकते है. यह केबल अंदर से बहुत पतली, हमारे सर के बाल से पतले होते है औरे ये एक सेकंड में लगभग 1 टीबी डाटा को भेजते रहते है.

Photo Credit: TeleGeography/www.telegeography.com

ये सभी केबल्स को मरीन केबल कहते है. हमारे देश में यह केबल मुंबई, कोचीन, तूतीकोरिन और चेन्नई में आकर मिलती है और वहां से हमारे देश के टेलिकॉम ऑपरेटर और ब्रॉडबैंड कम्पनीज इससे कनेक्शन लेती है और देश भर में इन्टरनेट मुहैया कराती है.

इन्टरनेट काम कैसे करता है? How Internet works?

इन्टरनेट पैकेट रूटिंग नेटवर्क को इस्तेमाल करके चलता है. यह रूटिंग नेटवर्क इन्टरनेट प्रोटोकॉलऔर ट्रांसपोर्ट कण्ट्रोल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके डाटा को अपलोड, डाउनलोड और रीड करता है.

चलिए इस बात को अच्छे से समझ लेते है. जब आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल के ब्राउज़र में किसी भी वेबसाइट का पता डालते है तो वह ब्राउज़र सबसे पहले आपके इस रिक्वेस्ट को आपके इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर को भेजता है और सर्विस प्रोवाइडर यानि कि आपको इन्टरनेट उपलब्ध कराने वाली कंपनी जैसे जिओ या एयरटेल कंपनियां उस रिक्वेस्ट को उस एड्रेस पर ले जाती है और वहां से रिजल्ट पाने के बाद आपके ब्राउज़र में आती है और आपके कंप्यूटर स्क्रीन या मोबाइल स्क्रीन पर दिखाए देती है.

ऐसा देखा जाता है कि लोगों को ऐसी भ्रांतियां रहती है कि इन्टरनेट, अन्तरिक्ष में छोडें गए किसी उपग्रह से आता है; परन्तु यह सत्य नहीं है. असल में इन्टरनेट समुन्द्र में बिछाए गए ऑप्टिकल फाइबर केबल या मरीन केबल से चलता है. यह सभी केबल पानी से जमीन पर आकर किसी सर्विस प्रोवाइडर यानि जिओ या एयरटेल के मुख्य कार्यालय में जाती है. फिर वहां से वायरलेस तरीके से इन्टरनेट को मोबाइल टावर या ब्रॉडबैंड केबल के जरिये देश भर में पहुँचाया जाता है.

इन्टरनेट के क्या क्या इस्तेमाल है? Usage of Internet

आज कल इन्टरनेट का इस्तेमाल किसी भी काम में आम बात हो गया है. खाना आर्डर करने से लेकर कपडा और दवाई तक आप बस घर बैठे इन्टरनेट से आर्डर करके प्राप्त कर सकते है.

संचार में-

किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए या किसी व्यक्ति को सन्देश भेजने के लिए इन्टरनेट का इस्तेमाल बढ़ गया है. लोग आज कल बहुत ही बड़ी मात्रा में इन्टरनेट का इस्तेमाल चैटिंग करने, विडियो कॉल करने, सन्देश भेजने, फोटो व विडियो भेजने में कर रहे है.

मनोरंजन के लिए- इन्टरनेट का इस्तेमाल मनोरंजन के लिए भी बहुत ही बड़ी मात्रा में किया जा रहा है. इन्टरनेट की मदद से घर बैठे अपने फुर्सत में कोई भी संगीत या चल चित्र को बड़ी ही आशानी से देखा जा सकता है.

खरीदारी करने के लिए-

ऑनलाइन इन्टरनेट से खरीदारी करने के लिए भी इन्टरनेट का इस्तेमाल किया जाता है. इन्टरनेट की मदद से एक सामान को अलग अलग दामों पर खरीदने की छुट सिर्फ इन्टरनेट पर ही मिलती है.

शिक्षा के लिए-

घर बैठे अध्ययन के लिए इन्टरनेट एक सबसे सुलभ और कारगर उपाय है. आप इन्टरनेट की मदद से कोई भी कला या पाठ में महारत हासिल कर सकते है. इन्टरनेट पर पढाई करने को ई-लर्निंग कहते है.

इन्टरनेट कितना ऊर्जा इस्तेमाल करता है? Energy Consumption by Internet

चीनी कंपनी हावेई के अनुमान के अनुसार लगभग दुनिया भर की २०% बिजली इन्टरनेट में खर्च होती है और वहीँ अमेरिका ने २०१६ के एक अध्ययन में यह पाया गया कि २०२० तक अमेरिका अपने डाटा को रखने के लिए लगभग ७३ बिलियन किलो वाट बिजली का इस्तेमाल कर सकता है.

वर्ल्ड वाइड वेब क्या है? What is www?

वर्ल्ड वाइड वेब इन्टरनेट पर जानकारी देखने और साँझा करने के लिए एक माध्यम है. इसे संछेप में वेब भी कहते है.

विश्व भर में कितने लोग ऑनलाइन है?

इसका अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि अमेरिकन टेलिकॉम विभाग ने उन लोगों को ऑनलाइन बताया है जो पिछले तीन महीने में इन्टरनेट का इस्तेमाल किए हो. जुलाई २०२० के आकड़ों के अनुसार लगभग ५९% वैश्विक आबादी इन्टरनेट पर ऑनलाइन है या किसी रूप में इन्टरनेट का इस्तेमाल कर रही है.

भारत में कितने लोग ऑनलाइन है?

560 लाख लोग इन्टरनेट पर ऑनलाइन है.

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