sleep disorder kya hai in hindi

Sleep disorder, जिसे निद्रा रोग या नींद की समस्या, न जाने क्या क्या कहा जाता है. यह बीमारी कई प्रकार की होती है. इसे बहुत से लोग अनिद्रा रोग भी कहते है.

स्लीप डिसऑर्डर में मुख्यतः प्रभावित व्यक्ति को रात को सोने में दिक्कत, खर्राटे लेने, रात में डरने या बुरे सपने देखने की समस्या होती है.

इस प्रकार की समस्याएं आम तौर पर अपने साथ और भी कई लक्षण ले कर आती है, और ये बिमारियों का समूह व्यक्ति को बुरी तरह से प्रभावित करता है. जिससे व्यक्ति को ठीक से सो पाने में दिक्कत होती है.

यह बीमारी आजकल बहुत तेज़ी से युवा पीढ़ी में देखने को मिल रही है, जिससे स्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारियाँ भी उत्पन हो रही है. जिससे व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य और शाररिक स्वास्थ्य दोनों ही बुरी तरह से प्रभावित होता है. ठीक से न सो पाने के कारण व्यक्ति को दिन भर थकावट महसूस होती है.

 

स्लीप डिसऑर्डर के प्रकार- types of sleep disorder-

Sleep disorder स्लीप डिसऑर्डर के मुख्य प्रकार- स्लीप एपनिया, पैरासोमिनास और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम है.

स्लीप एपनिया- इस विकार से ग्रस्त व्यक्ति को सोते समय, ठीक से साँस लेने में दिक्कत या रुकावट उत्पन होती है. इसमें व्यक्ति के शारीर में ऑक्सीजन की मात्र काफी कम हो जाती है और प्रभावित व्यक्ति की नींद बीच-बीच में टूटती रहती है.

पैरासोमिनास- इस विकार में व्यक्ति नींद के दौरान असामान्य हरकत करता है, जिससे उसे नींद में बुरे सपने, नींद में पेसाब कर देना, आदि शामिल है.

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम- इस विकार में व्यक्ति को बिस्तर पर लेटने पर पैरों में असहनीय संवेदना होती है और सोते समय में पैरों में पीड़ा होती है.

 

ये सभी प्रकार के विकार, प्रतेक व्यक्ति में समान नही होते है. किसी व्यक्ति में ये विकार, अन्य रोगों को जन्म दे सकते है. और इसके लक्षण भी एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते है.

 

इस प्रकार के लोगों में मानसिक स्थिरता और थकान की अधिकता होती है.

 

Sleep disorder treatment in hindi – स्लीप डिसऑर्डर का इलाज हिंदी में-

अगर आपको सोने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो सबसे पहले आप डॉक्टर से अपना परिक्षण कराना चाहिए. इससे आपके विकार की सही सही जानकारी मिल जाएगी, और रोगों का मूल्यांकन एवं रोगों का निर्धारण करने में आसानी होगी.

स्लीप डिसऑर्डर या निद्रा रोग का ईलाज करने के लिए चार दवाएं मुख्य भूमिका निभाते है, जैसे- अच्छी नींद लेना, अपना दिनचर्या ठीक करना, तनाव से दूर रहना और व्यायाम करना ही इसका सबसे अच्छा इलाज़ है.

ठीक समय पर सोने बैठने से इस तरह की होने वाली समस्यायों से बचा जा सकता है.

सोते समय किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक का इस्तेमाल ना करें.

जंक फ़ूड और कैफीन का सेवन करने से बचें.

सोते समय में कमरे में हलकी लाइट रखें, पुरे अँधेरे में ना सोयें.

नींद लाने के लिए किसी प्रकार का खुद से दवाओं का या नींद की गोलियों का सेवन ना करें. यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.

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